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Wednesday, December 7
बहुत कमी खलती है इस संसार मे
हमेशा अपनी बांहों का सहारा दिया था,
अपने परवेश से मुझे एक किनारा दिया था,
टूट कर बिखर जाती हूँ मै, अब इस सूनेपन के द्वार पर ,
जहाँ प्यार तुमने बहुत सारा दिया था /
ईश्वर ने मुझे अपने भाई सा सितारा दिया था
फिर से लौट कर आ जाओ ,मेरे इस जीवन के आँगन मे
जहाँ बहुत सा वक्त हमने, साथ गुजारा किया था
बहुत कमी खलती है इस भीड़ भरे संसार मे
फिर से लौट कर आ जाओ ,मेरे इस जीवन के आँगन मे
ये मेरी प्यारी बहना कहती है .........
Tuesday, December 6
क्या कहती है मेरी प्यारी बहन की जिन्दगी
न जाने कितने राज छिपाती है जिन्दगी,
हर पल कुछ नया सिखाती है जिन्दगी,
पल पल हँसाना , पल पल रुलाना,
न जाने कितने खेल दिखाती है जिन्दगी /
हर उलझे सवालो का जवाब है जिन्दगी,
म्नुह न मोड़ ध्यान से देख कितनी प्यारी है जिन्दगी /
कभी धुप, कभी छाव ,
बिन बादल पानी बरसाती है जिन्दगी /
पिता के प्यार और माँ के प्यार में,
फुल सा खिल कर मुस्कराती है जिन्दगी /
पल में किसी का दूर हो जाना,
पल में किसी का जिन्दगी मे आना /
न जाने किस किस को भूलाती है जिन्दगी ?
अपने में उलझी कहानी है ये जिन्दगी /
सारी उम्र खुद को सुलझाती है जिन्दगी
प्यार की प्यास मे, स्नेह की आस में,
खुद को निरास पा कर मन को बहलाती है जिन्दगी ,
खुद मे घुट घुट कर रहने के लिए ,
हर पल कुछ नया सिखाती है जिन्दगी /
मुह न मोड़ पास से देख अपने प़र इतराती है जिन्दगी
आज बहुत कुछ सुनाती है जिन्दगी /
दुखी हू कोई पास नहीं है ,
खुश हू कुछ खास नहीं है ,
बस इसी कसमकस में ,
बार बार उलझ जाती है मेरी जिन्दगी
पता नहीं क्या क्या गुनगुनाती है जिन्दगी /
फिर भी मेरी कहानी सुनाती है मेरी जिन्दगी
ये कहती है मेरे प्यारी बहन की जिन्दगी
एक प्यारा सा एहसास है उसकी ये जिन्दगी
Sunday, December 13
जानती हू माँ मै इस घर का एक हिस्सा हूँ
जानती हू माँ मै इस घर का एक हिस्सा हूँ,
अब तुम सब के लिए एक किस्सा हूँ /
पल भर मे तुम से पराई हो गई ,
देखो आज किसी और की अपनी हो गई,
भैया भी आज वहां खड़े है,
न जाने किस सोच मे पड़े है ,
पापा के लिए दवा थी मै उनके हर गम की,
पर आज मैंने भी उनकी आँखे नम की ,
बचपन मे जिन गुडियो का खेल खेला है,
आज वही मेरे जीवन मे आई बेला है /
जानती हू माँ मै इस घर का एक हिस्सा हूँ
अब तुम सब के लिए एक किस्सा हूँ
घर का आँगन आज मेरा दामन पकडे खड़ा है ,
पर आज कोई अजनबी भी मेरा हाथ थामे खड़ा है /
रास्ते मे है वो बचपन की सहेलिया खेल खिलोने,
पर अब जाने न मिल पाऊ मैं उनसे कितने महीने /
आज मेरे सामने कितनी बड़ी ये उलझन है ,
माँ मैं तो तुम्हारी आँखों का तारा हूँ,
पापा की राज दुलारी बिटिया हूँ,
पर ये भी सच है ,
मै अब किसी और के घर की लक्ष्मी हूँ ,किसी और के घर की खुशिया हूँ /
ये मेरी बहना माँ से उस रात कहती है,
जिस रात उसकी शादी है
जानती हू माँ मै इस घर का एक हिस्सा हूँ
अब तुम सब के लिए एक किस्सा हूँ
Saturday, December 12
वो बहुत ही भोली भाली है
एक छोटी सी गुड़िया , गुड़िया के बहुत से सवाल
सवाल कम वो है बहुत बड़े बवाल /
एक चेहरा जो सवालो से भरा है
जिसमे थोड़ी सी शरारत है,थोड़ा सा बचपना है /
उस चेहरे की रानी एक प्यारी सी गुड़िया है ,
जो हमेशा मुझे सवालो के जाल मैं फसाती है /
वो बहुत ही भोली भाली है
जब मैं यहाँ आया था ,
सब से अनजान था ,
तब एक रिश्ता मैंने उससे पाया था ,
अनजाने शहर मे उसने मुझे अपनाया था,
अपना भाई मुझे बनाया था /
उसका प्यार से मुझे भइया कहना,
फिर मेरा धीरे से मुस्कराना
उसके चेहरे पर एक रोनक ला देती है,
जैसे किसी रोते को हंसा जाती है /
दोस्त के साथ हूँ, अब मैं उसका भाई,
उसकी हर ख़ुशी को पूरा करने की कसम है खाई
उसकी ख़ुशी के बाद कोई ख़ुशी है
गुड़िया रानी जब जब आँखे बंद करके याद करोगी ,
मुझको तुम अपने पास पाओगी,
जानता हूँ ये बांते दुनिया को झूठी लगती है
पर मेरी प्यारी गुड़िया सच मानती है,
मुझको वो पहचानती है.
मेरी प्यारी गुड़िया कितनी भोली भाली है /
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